‘हाई-फाई हेल्प डेस्क’ पर उपभोक्ता की हर अप्लीकेशन रिसीव होगी। इसे सीधे संबंधित खंड को भेजा जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता की अप्लीकेशन पर किसने क्या कार्रवाई की उसकी ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग होती रहेगी। एजेंसी को अप्लीकेशन पर फीड बैक लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बिल संशोधित कराएंगे, खराब मीटर आसानी से बदलाएंगे. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर पाएंगे। यह सब कार्य समयबद्ध अवधि में पूरे करने होंगे। साथ ही आवेदकों की सहूलियत के लिए हाई-फाई हेल्प डेस्क पर नए बिजली कनेक्शन का फार्म भरने का भी काउंटर खोला जाएगा।