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Lucknow News: धरोहरों ने नई पीढ़ी को पढ़ाया इतिहास का पाठ

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लविवि परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया।
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लखनऊ। इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर रविवार को राजधानी में प्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासतों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। राज्य पुरातत्व निदेशालय और लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने संग्रहालयों को अतीत और वर्तमान के बीच मजबूत सेतु बताया।
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मुख्य अतिथि डॉ. एसएन कपूर ने कहा कि संग्रहालय केवल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया भी हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनने की अपील की।
राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने कहा कि संग्रहालय समाज को अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। संग्रहालयों के भ्रमण से विद्यार्थियों और आमजन में इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व के प्रति जिज्ञासा बढ़ती है।
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प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न पुरातात्विक स्थलों और राज्य संरक्षित स्मारकों के दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इनमें लहुरादेवा, जाजमऊ, राज नल का टीला और मल्हर उत्खनन स्थलों के साथ कर्दमेश्वर मंदिर, मेढक मंदिर और गंगोली शिवाला जैसे ऐतिहासिक स्मारक शामिल रहे। प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुकों को प्रदेश की समृद्ध पुरातात्विक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के तहत 200 से अधिक विद्यार्थियों को हुलासखेड़ा उत्खनन स्थल का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान छात्रों को उत्खनन प्रक्रिया, पुरातात्विक महत्व और वहां मिले अवशेषों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने निदेशालय की पिक्चर गैलरी का भी भ्रमण कर ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से समझा।

लविवि परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया।

लविवि परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया।

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