रायबरेली में बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे में कैद एसओजी टीम।
रायबरेली। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. प्रदीप अग्रवाल और एसओजी प्रभारी बृजेंद्र शर्मा के बीच बृहस्पतिवार को तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी दी। सीएमएस ने एसपी को पत्र लिखकर एसओजी प्रभारी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुुए कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एसओजी टीम वार्ड के अंदर जाती हुई दिख रही है।
दरअसल, भदोखर थाना क्षेत्र के रंजीतपुर लोनारी गांव निवासी प्रधानपति दिनेश कुमार (35) पुत्र रामलखन को गोली मार दी गई। प्रधानपति को अस्पताल के वार्ड नंबर दो में भर्ती कराया। एसओजी प्रभारी टीम के साथ वार्ड में घायल प्रधानपति के बयान दर्ज करने आए थे। इसी दौरान सीएमएस भी वार्ड का निरीक्षण कर रहे थे। एसओजी प्रभारी घायल का बयान दर्ज करने के बाद जैसे ही वार्ड से बाहर निकले, वैसे ही सीएमएस आ गए। सीएमएस ने बिना अनुमति के वार्ड के अंदर जाने की बात कही। इसी बात को लेकर एसओजी प्रभारी और सीएमएस के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
एसओजी प्रभारी ने इस दौरान तर्क दिया कि वे भी सरकारी कार्य कर रहे हैं। वार्ड के अंदर जाकर घायल के बयान लेने के लिए अनुमति लेनी होगी, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस पहले ही घायलों के बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल आती जाती रही है।
इसी दौरान कुछ देर तक सीएमएस और एसओजी प्रभारी में कहासुनी शुरू हो गई। दोनों में काफी तेज आवाज में बहस हुई। सीएमएस ने एसपी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि एसओजी प्रभारी ने उनसे अभद्रता की और उन्हें देख लेने की धमकी दी है। उधर, सीओ सदर अमित सिंह ने बताया कि प्रकरण जानकारी में आया है। जांच कराई जाएगी।