हेडिंग - सूर्यदेव के तपन से बिजली रानी की शामत
क्रासर - पिछले साल जून के करंट खपत का रिकार्ड 1589 एमवीए का मई में ही 1810 एमवीए से टूटा
क्रासर - राजधानी के 13.50 लाख वैध, 2.50 लाख अवैध लोगों की बिजली खपत से बढ़ रही डिमांड
नरेश शर्मा
लखनऊ। सूर्यदेव के तपते ही बिजली रानी की शामत आ गई है। सूर्यदेव से उपजी गर्मी को शांत करने के लिए लोगों के घरों में बिजली रानी की खुराक बढ़ गई है। यानी राजधानी में बिजली खपत का जो रिकार्ड 19 जून 2024 को लगभग 1890 एमवीए (मेगा वोल्ट एम्यिपर ) रिकार्ड बना था, वह वर्ष 2025 में सवा माह पहले ही 13 मई को टूट गया है। 13 मई को राजधानी के वैध 13.50 लाख और अवैध 2.50 लाख उपभोक्ताओं के एसी, कूलर, पंखों ने मिलकर 1810 एमवीए करंट को चूसा। सूर्यदेव की तपन ऐसे ही बनी रही तो तीन दिन के अंदर बिजली की खपत का ग्राफ 1900 एमवीए को पार कर जाएगा। अफसरों ने बताया कि 14 मई की शाम तक बिजली खपत का ग्राफ 1800 एमवीए को पार गया था। असल बिजली की डिमांड तो रात 9:00 से सुबह 4:00 बजे के बीच होती।
पॉवर कॉरपोरेशन के मुताबिक वर्ष 2024 की 13 मई को राजधानी में बिजली खपत को 1589 एमवीए दर्ज किया गया था, जो इस साल इसी तारीख में 1810 एमवीए दर्ज हुआ। पिछले साल मई के मुकाबले इस साल मई में 221 एमवीए बिजली की डिमांड रफ्तार पकड़ चुकी है। हालांकि, बिजली की बढ़ी खपत का एक कारण एक साल में लगभग 20 हजार बढ़े नए उपभोक्ताओं का लोड भी बताया जा रहा है।
खूब बिक रहे एसी-कूलर
गर्मी से निजात पाने के लिए आम आदमी एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज खरीदने में जुटा है। हालांकि, इस साल एसी के मुकाबले कॉमर्शियल कूलर की डिमांग ज्यादा है। इसकी वजह एसी के मुकाबले कूलर में बिजली खपत का कम होना है। मगर, जिनको चोरी की बिजली से ही गर्मी को काटना तो वह कूलर के बजाए एसी ही खरीद कर ले जा रहे हैं।
पांच दिन की बिजली खपत एमवीए में
तारीख वर्ष 2024 वर्ष 2025
9 मई 1463 1630
10 मई 1487 1665
11 मई 1410 1661
12 मई 1494 1778
13 मई 1589 1810