मनकापुर(गोंडा)। छोटे भाई ने लीवर डोनेट कर जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही अपनी बड़ी बहन की जिंदगी बचा ली। भाई बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक बन गया।
कुड़ासन बाजार निवासी एडीओ पंचायत सतीश त्रिपाठी की 26 वर्षीय पुत्री कुमारी अभिसारिका नोएडा में एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थी। बीते मई महीने में उसकी अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन घर लेकर आए और सीएचसी मनकापुर में भर्ती करवा दिए। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत देख कर वहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया।
निजी अस्पताल में विभिन्न परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने परिजन को जानकारी दी कि लड़की का लीवर पूर्ण रूप से फेल है। परिजन अभिसारिका को आननफानन में मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम में ले जाकर भर्ती करा दिया। चिकित्सकों के परामर्श के बाद अभिसारिका के छोटे भाई अभिषेक ने अपनी बहन की जिंदगी बचाने के लिए अपना 50 प्रतिशत लीवर डोनेट कर दिया। अनुभवी सर्जन एके स्वेन के नेतृत्व में डॉक्टरों द्वारा 13 घंटे चले सफल ऑपरेशन के बाद अभिसारिका को नई जिंदगी मिल गई। बच्चों के पिता सतीश तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा बेटा और बेटी दोनों अभी बीस दिन डॉक्टरों के देख रेख में रहेंगे।