लखनऊ। टीबी मुक्त भारत अभियान में सभी की भागीदारी जरूरी है। इसकी जांच अब और प्रभावी तरीके से होगी। मरीजों के घर के पास एआई आधारित हैंड-हेल्ड एक्सरे मशीनों से जांच की जाएगी। इससे रिपोर्ट भी जल्द मिल सकेगी। नई मशीन से एक साथ चार नमूनों की जांच होगी। गोमतीनगर के होटल में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटजीज की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला
में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित घोष ने यह जानकारी दी। उन्होंने टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश पर ई-न्यूजलेटर का विमोचन भी किया।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग चार मॉड्यूल के साथ 74 टूनैट व हैंड-हेल्ड एक्सरे मशीन और खरीद रहा है। फरवरी से 100 दिन सघन टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया जाएगा। राज्य में अभियान के दौरान सात दिसंबर 2024 से 17 जनवरी तक 3.02 करोड़ जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग की गई। एमडी एनएचएम डॉ. पिंकी जोवल ने कहा कि वर्ष 2015 की तुलना में टीबी के नए मरीजों की दर में 17 फीसदी की कमी लाई गई है। कार्यशाला में डीजी हेल्थ डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, डॉ. पवन कुमार अरुण, डॉ. एचडी. अग्रवाल, डॉ. शुभा मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र भटनागर, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. एके. सिंघल आदि थे।