पार्षद संजय सिंह राठौर ने बताया कि विजयखंड 1 में अब सामान की दिक्कत नहीं आ रही है। यहां अब सबसे बड़ी मुश्किल कोरोना संदिग्धों की तलाश करना है।
हर घर तक टीम पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कोई घर न छूट जाए। सबसे अधिक दिक्कत बीमार लोगों को दवाई की है। कई बार तो दवा आसपास की दुकानों पर नहीं मिलती है।
खुर्रम नगर की हेमा डोलिया के कहना है कि गुरुवार को प्रशासन के लोग आए थे। हर घर पर जाकर यह पूछ रहे थे कि किसको क्या सामान चाहिए। सुबह जरूरी सामान लेकर गाड़ी आई थी। पुलिस की सख्ती बरक़रार है।
तालकटोरा के हॉटस्पॉट में रह रहे इमरान का कहना है कि सामान न मिलने की वजह से बीच में दो दिन लोगों ने निकलना शुरू किया। इसके बाद से पुलिस ने काफी सख्ती कर दी है। घर से बाहर निकलते ही पुलिस उन्हें दौड़ा रही है। सभी को घर मे रहने की सख्त हिदायत है। गुरुवार को सब्जी वाला भी नहीं आया है।
यहां सुधरे हालातः त्रिवेणीनगर के अनवारुल का कहना है कि सील इलाके में कोई समस्या नहीं है। सभासद खुद आये थे। सोशल डिस्टेनसिंग का पालन कराते हुए सभी की समस्या सुनी। इलाके के लोग जागरूक हैं। वहीं रजौली के लल्लन का कहना है कि लोगों को राशन दिया जा चुका है। सब्जी और दूध भी उपलब्ध हो जा रहा है।
मो. उस्मान का कहना है कि नजरबाग के हॉटस्पॉट इलाके में 20 फीसदी लोग रोज कमाने वाले है। इनमें अधिकांश लोग रिक्शा चालक और फेरी वाले है।
आमदनी रुकने की वजह से काफी परेशान हैं, सरकार की ओर से दिया जा रहा मुफ्त राशन इन लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। नगर निगम की गाड़ियां भी इन लोगों को खाना नहीं पहुंचा रही हैं। इलाके में निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे लोगों में काफी दहशत है।
पुलिस ने की मदद
सजल ठाकुर का कहना है कि सदर के हॉटस्पॉट में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए छावनी क्षेत्र बेहद संवेदनशील हो गया है, इसलिए पुलिस ने भी सख्ती बढ़ा दी है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही थी, लेकिन गुरुवार को पुलिस ने ग्राउंड पर लोगों की मदद की।
इसमें लोगों को घरों तक दवाइयां पहुंचाने से लेकर दूध, ब्रेड और जरूरी राशन शामिल है, लेकिन पुलिस ने लोगों को घरों से नहीं निकलने दिया। पुलिस यह आश्वासन देती है कि आवश्यक सामग्री आपके घर पर पहुंचा दी जाएगी।