राजधानी में कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने में स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट गए हैं। हर स्तर की तैयारी के बाद भी चार दिन में टीकाकरण के लक्ष्य का सिर्फ 54 फीसदी ही पूरा कर सके। शासन की ओर से जारी निर्देश के तहत दो दिन में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। इसके लिए अब अस्पतालों और बूथों की संख्या बढ़ाने पर जोर है। फिलहाल सोमवार को होने वाली बैठक में अस्पताल और बूथ तय किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीकाकरण के लिए चुना गया। इनकी संख्या करीब 51000 है। ड्राई रन से लेकर हर अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग लक्ष्य हासिल करने की दुहाई देता रहा। मगर कभी एप ने दगा दिया तो कभी अन्य तकनीकी खामियों की वजह से स्वास्थ्य कर्मियों तक विभाग का मेसेज नहीं पहुंच पाया। तमाम कारणों की वजह से टीकाकरण हर अभियान में ध्वस्त नजर आया। चार चरणों में चले अभियान के बाद अभी तक सिर्फ 20059 लोगों का टीकाकरण हो पाया है, जबकि लक्ष्य 36518 का था। यानी अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 54.92 फीसदी ही टीकाकरण हो पाया है। अब शासन की ओर से बचे हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का 2 दिन में टीकाकरण कराने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत कुल 51000 में से करीब 30 हजार लोगों का टीकाकरण होना है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ फ्रंटलाइन वर्कर का भी टीकाकरण होगा
राजधानी में 4 फरवरी को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण किया जाएगा। 5 फरवरी को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ फ्रंटलाइन वर्कर्स के भी टीकाकरण का निर्देश दिया गया है। अभी तक करीब 30 हजार स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण के लिए बाकी हैं। जबकि फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या करीब 27 हजार है। इसमें 5 फरवरी को 10 फ़ीसदी का टीकाकरण कराना है। इसी तरह पूर्व में चले चार अभियानों के अलावा 4 एवं 5 फरवरी को टीकाकरण होने के बाद भी जो लोग बच जाएंगे उनके लिए 15 फरवरी को मॉपअप राउंड चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीकाकरण अभियान का लक्ष्य हासिल करने के लिए अब रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
नोडल अधिकारियों को दिया गया जिम्मा
सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों के नोडल प्रभारियों को टीकाकरण का लक्ष्य बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। उन्हें कहा गया है कि जो कर्मचारी अभी तक टीकाकरण में नहीं आए हैं उन्हें समझाया जाए और अगले दो अभियानों में शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाए।
इधर, निजी अस्पतालों का आंकड़ा बेहतर
टीकाकरण के सभी अभियानों में ज्यादातर निजी संस्थानों में टीकाकरण का करीब 80 फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ। 29 फरवरी को अपोलो में 62, मेदांता में 77, सरदार पटेल 75, चंदन में 78 और एरा हॉस्पिटल में 80 फ़ीसदी तक टीकाकरण हुआ है। पिछले अभियान में सहारा, मेदांता ने 80 फ़ीसदी से अधिक टीकाकरण कराया था।
प्रयास किया जा रहा है कि दो दिन में सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण कर लिया जाए। इसके लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बड़े सेंटरों पर बूथों की भी संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
- डॉ. एमके सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी