लाइफ सेविंग एनेस्थेटिक स्किल्स (एलएसएएस) और इमरजेंसी ऑब्सटेट्रिक केयर (ई-मॉक) के संयुक्त चयन में सबसे पहले कानपुर की सीएचसी कल्यानपुर का नाम आया। इसके लिए डॉ. नीलिमा और डॉ. शशिकांत ने अपनी सहमति दी। सीएचसी मोहनलालगंज के लिए डॉ. कनिका चित्रांशी और डॉ. राजीव सिंह, सरोजनीनगर सीएचसी के लिए डॉ. रेनू सिंह और डॉ. प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने सहमति दी। सभी को प्रमुख सचिव ने प्रमाण पत्र दिया।
यूपी में एफआरयू
यूपी में 826 सीएचसी में सिर्फ 305 को ही पहली रेफरल इकाई के रूप में नामित किया गया है। प्रत्येक एफआरयू से 6.50 लाख से अधिक जनसंख्या को सेवा दी जाती है। एफआरयू को सक्रिय बनाने के लिए विशेषज्ञ काडर का गठन, संविदा भर्ती, विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने के लिए पीजी सीटों को वरीयता व निजी विशेषज्ञों को ऑन-कॉल उपलब्ध कराया जाएगा।