पहले से वीवीआईपी पहचान वाले हजरतगंज के साथ बदलते जमाने की दो नई उपलब्धियां जुड़ गईं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गंजिंग कार्निवाल के मौके पर रविवार की शाम गंज को सूबे का पहला वाई-फाई जोन घोषित किया तो दूधिया रोशनी बिखेरती हाईमास्ट्स की सौगात भी दीं। यहां मुख्यमंत्री ने ‘लखनऊ बदले-यूपी बदले’ का नारा दिया।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में बहुत कुछ बदला है लेकिन अभी काफी बदलाव बाकी है। उनकी सरकार ने इस बदलाव की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी ‘1 जी’ भी नहीं देखा था लेकिन ‘4 जी’ लागू कर दिया। लोगों को पता ही नहीं चला कि कब 4जी का ऑप्टिकल फाइबर बिछ गया।
उन्होंने कहा कि इसी बदलाव के दौर में सूबे में सबसे पहले वाई-फाई सुविधा यहीं शुरू की गई। परिवर्तन चौक से हजरतगंज चौराहे के बीच अब कोई भी मुफ्त में वाई-फाई की सुविधा का लाभ उठा सकेगा। एक साथ 1700 लोग वाई-फाई से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधा शहर के दूसरे स्थानों पर भी शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राजधानी में बदलावों के तौर पर गोमती रिवर फ्रंट के विकास से लेकर घंटाघर व इमामबाड़ा के पास लाइटिंग जैसे कामों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क लोगों के आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। गंज में 4जी सेवा देने वाली कंपनी रिलायंस जियो का केंद्रीय कार्यालय भी में गोमतीनगर में रविवार को खुला । इसका उद्घाटन मुख्य सचिव आलोक रंजन ने किया।
दो मिनट में पूरी मूवी डाउनलोड
4जी सेवा देने वाली रिलायंस जियो का कहना है कि एक फिल्म 750 से 1024 एमबी तक की होती है। 10 एमबीपीएस की स्पीड के चलते पूरी फिल्म 1.5 से दो मिनट में डाउनलोड की जा सकेगी। 17 एक्सेस पॉइंट बनाए गए हैं जिससे 1700 लोग कनेक्ट हो सकेंगे।
हर 20 मिनट पर करना होगा लॉग-इन
हर यूजर को वाईफाई उपयोग के लिए आईडी बनानी होगी। इसमें एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मिलेगा, जो 20 मिनट के लिए उपयोगी होगा। अभी कंपनी ने 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा यूजर्स के लिए खुला रखा है, लेकिन इसके लिए हर 20 मिनट बाद यूजर को लॉग-इन करना होगा।
क्या है 4जी सेवा?
4जी जोकि चौथी पीढ़ी की मोबाइल सेवा कही जाती है जोकि पारंपरिक सर्किट स्विच्ड टेलीफोन तकनीक से नहीं चलती। यह मोबाइल सेवा ओएफडीएमए मल्टीकैरियर ट्रांसमिशन और मल्टीपाथ रेडियो प्रोपेगेशन सिस्टम पर काम करती है। इसकी वजह से 100एमबीपीएस तक की हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा मिलती है। इसके लिए 4जी आधारित मोबाइल सेट या इंटरनेट डिवाइस की जरूरत होगी।
आठ करोड़ से जगमग हुआ गंज, शहीद पथ
हजरतगंज और शहीद पथ का अंधेरा रविवार को दूर हुआ। 8.51 करोड़ रुपए के नगर निगम के दो प्रोजेक्ट का खुद सीएम अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया। इन प्रोजेक्ट में 1.77 करोड़ रुपए खर्च कर 15 हाईमास्ट लाइट हजरतगंज में लगाई गई हैं। इनमें से चार हाईमास्ट प्रमुख चौराहे व तिराहे पर रोशनी करेंगीं।
वहीं 11 हाईमास्ट पूरे हजरतगंज इलाके को रौशन करने के लिए लगाई हैं। चौराहों में हजरतगंज मुख्य चौराहा, मेफेयर तिराहा, शाहनजफ रोड तिराहा और डीएम आवास पर हाईमास्ट लगी हैं इनकी ऊंचाई 20 मीटर होगी। इन सभी पोल पर 180 वाट की 12 एलईडी लाइट लगाई गई हैं।
वहीं, बाकी हाईमास्ट 16 मीटर की हैं जिनमें प्रत्येक पर 180 वाट की आठ एलईडी लाइट हैं। शहीद पथ पर कोर्ट केआदेश के बाद नगर निगम ने स्ट्रीटलाइट लगवा दी थीं। इन लाइटों को भी रविवार को चालू करा दिया गया।
6.74 करोड़ रुपए खर्च कर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया गया है। इसमें 698 पोल करीब 19 किमी के रास्ते में लगाए गए हैं। दूधिया रोशनी के लिए 400 वाट की सोडियम लाइट लगी हैं। वहीं दो हाईमास्ट लगाई गई हैं जिनकी ऊंचाई 30 मीटर है।
कहां कितना काम
हजरतगंज
- 1.77 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट कॉस्ट
- चार हाईमास्ट 20 मीटर ऊंची
- 11 हाईमास्ट 16 मीटर ऊंची
शहीद पथ
- 6.74 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट कॉस्ट
- 19 किमी में 698 पोल
- 400 वाट की सोडियम लाइट
- दो हाईमास्ट 30 मीटर ऊंची
देर रात तक चला काम
शहीदपथ की स्ट्रीटलाइट का भले ही सीएम ने शुभारंभ कर दिया हो। इन लाइटों को चालू कराने केलिए देर रात तक काम चलता रहा। इसकी वजह से कई जगह लाइट शहीद पथ पर नहीं जली और अंधेरा बना रहा।
नगर निगम के स्ट्रीट लाइट प्रभारी दीपक यादव का कहना है कि करीब 8.50 करोड़ रुपए दोनों प्रोजेक्ट पर खर्च हुए हैं। इससे अब शहीद पथ और हजरतगंज इलाके की रोशनी की कमी की समस्या दूर हो जाएगी।