पुराने लखनऊ के इमामबाड़ा गुफरानमाब में निकाला गया जुलूस ए अमारी।
लखनऊ। दारुल उलूम देवबंद के प्रधानाचार्य मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत हुसैन ने जालिम के सामने सिर नहीं झुकाया। उन्होंने हक और सच्चाई के लिए जान कुर्बान कर दी। वह बुधवार को जलसा शुहदा-ए-इस्लाम को खिताब कर रहे थे।
मजलिस ताहफ्फुजे नामूसे सहाबा की ओर से रकाबगंज स्थित दारुल मुबल्लिगीन में मौलाना ने कहा कि हजरत हुसैन की शहादत इस्लामी तारीख की सबसे बड़ी शहादत है। कहा कि इमाम हुसैन इंकलाब की वो आवाज है, जो हर दौर में बुलंद होती रहेगी। उन्होंने मुसलमानों से शरीयत के मुताबिक जिंदगी गुजारने पर जोर दिया। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा इबादत के साथ लोगों के साथ अच्छा बर्ताव करने और मोहब्बत से पेश आने का हुक्म दिया है।