लखनऊ। गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में बुधवार को नाटक चंदा बेड़नी का मंचन किया गया। यूं तो यह प्रेम कहानी थी, लेकिन इसमें सामाजिक व्यवस्था, जातिवाद और राजनीतिक षणयंत्रों का भी समावेश देखने को मिला। लोक परंपरा और संस्कृति के ताने-बाने से बुनी इस कहानी के अंत में चंदा नाम की बेड़नी का प्रेम सामाजिक ऊंच-नीच से हार जाता है। भारतेंदु नाट्य अकादमी में चल रही युवा कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने इस नौटंकी शैली की कहानी को मंच पर अपने अभिनय कौशल से निखार दिया।
नाटक का निर्देशन नीरज कुशवाहा ने किया। लेखन अलखनंदन का और नौटंकी रूपांतरण विजय बहादुर श्रीवास्तव का रहा। अवसर पर बीएनए अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी, निदेशक बिपिन कुमार, प्रशिक्षक डॉ. सुमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।