इस कृपा का राज क्या है
एक जिले में सिपाही और कप्तान के बीच छिड़ी रार ने एडीजी में एडीजी के दामन पर भी दाग लग गया। कप्तान की एक चिट्ठी क्या वायरल हुई, एडीजी साहब की सिपाही पर कृपा के मायने तलाशे जाने लगे। मामला इस कदर बढ़ गया कि चिट्ठी ही नहीं, सुबूत के तौर पर जुटाई गई कॉल रिकॉर्डिंग को भी सार्वजनिक हो गई।
सास-बहू के झगड़े जैसे इस ड्रामे में कप्तान ने अपने दोनों वरिष्ठों को भी नहीं बख्शा। वहीं सिपाही ने भी कप्तान पर ऐसे आरोप लगा दिए, जो वर्तमान माहौल में अक्षम्य टाइप के हैं। हैरानी की बात है कि इस पूरे घटनाक्रम पर बड़े अफसर चुप्पी साधे रहे। सुना है कि इस ड्रामे के बहाने कुछ बड़े दरख्तों पर आरा चलाने की तैयारी है।
फेरबदल की अटकलें
नौकरशाही में अप्रैल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिन विभागों के कामकाज से असंतुष्टि जताई जा चुकी है, पता चला है कि उनके मुखिया बदले जा सकते हैं। कुछ नौकरशाह इधर-उधर की परिक्रमा में भी लग गए हैं। शायद इस बार उनके हाथ कोई अच्छा विभाग लग जाए। अब यह परिक्रमा कितनी सफल होती है, यह तो भविष्य ही बताएगा।
घर की अर्थव्यवस्था ट्रिलियन डालर इकोनामी में
माफिया के चंगुल में फंसने के बाद राजस्व वाले महकमे में खलबली मची है। महकमे में वायरल है कि मिस्टर क्लीन ब्यूरोक्रेट के खास बनकर दो अफसरों ने करोड़ों हजम कर लिए और डकार तक नहीं ली। पहले मिस्टर क्लीन का भरोसा जीता, फिर माफिया से ही गलबहियां कर .000006 ट्रिलियन डालर (50 करोड़) अंदर कर लिए। इस रकम की और कितनों में बंदरबांट हुई, इसका गुणाभाग किया जा रहा है। प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने से पहले ये दो साहब अपनी अर्थव्यवस्था दुरुस्त करने में लगे हैं।