केजीएमयू में गरीब मरीजों के लिए हरिओम सेवा केंद्र दवा से लेकर रखने व खाने तक का इंतजाम करता है। रैन बसेरा बनाया है तो खाने के लिए सुबह-शाम रसोई चलती है। इस केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे समाजसेवी चंद्र किशोर रस्तोगी बताते हैं कि लखनऊ के करीब एक हजार से ज्यादा समाजसेवी संस्था के आजीवन सदस्य हैं।
वे गरीबों की सेवा में निरंतर आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। केंद्र के संस्थापक व संरक्षक चंद्र किशोर रस्तोगी की ख्वाहिश है कि संस्था के लिए कहीं ऐसी जमीन मिल जाए, जहां पर धर्मशाला का निर्माण कराया जा सके। वह बताते हैं कि 22 जून 1998 को हरिओम सेवा केंद्र की स्थापना की गई।
शुरुआती दौर में यह काम नामुमकिन लग रहा था, लेकिन धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए। इसके बाद केजीएमयू में आने वाले गरीबों की सेवा शुरू की गई। अब स्थिति यह है कि क्वीन मेरी हॉस्पिटल के पास मीरो बीवी विश्राम सदन में संस्था का कार्यालय है। मरीजों के लिए एक एंबुलेंस हैं।