केजीएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने इस संबंध में पुलिस में शिकायत की। वहीं, रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पुलिस आयुक्त से गुहार भी लगाई है।
असिस्टेंट प्रोफेसर का कहना है कि उन्हें 18 जनवरी को सेवा संबंधित मामले में चल रही जांच को लेकर बुलाया गया था। वह कुलपति कार्यालय के बोर्ड रूम में पहुंची। उस वक्त कुलपति नहीं थे। बोर्ड के एक सदस्य ने उनसे अश्लील तरीके से बात की। इसके बाद वह कार्यवृत्त लेकर वहां मौजूद कुलपति के निजी सहायक के पास गई तो उन्होंने भी अश्लीलता की। इसी तरह कमेटी के शामिल एक सदस्य के ड्राइवर ने फोन करके संबंधित सदस्य से मिलने की बात कही।
असिस्टेंट प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि इन सभी ने बातचीत करने में बेहद अश्लील तरीका अपनाया। उन्हें घूरते हुए अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। इस संबंध में 28 जनवरी को कुलपति को भी बताया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में चौक कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। असिस्टेंट प्रोफेसर ने पुलिस कमिश्नर के साथ ही पुलिस महानिरीक्षक, अपर पुलिस महानिदेशक, डीसीपी (महिला), महिला आयोग अध्यक्ष आदि को भी पूरे मामले की जानकारी दी है।