मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल’ योजना 2022 तक चार चरणों में पूरी की जाएगी। इन चरणों में बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र, आर्सेनिक-फ्लोराइड और जेई-एईएस से प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ‘हर घर नल’ योजना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम बुधवार को अपने सरकारी आवास पर ‘जल जीवन मिशन’ के बारे में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 30 जून को बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी, ललितपुर और महोबा जिलों की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।
शेष 4 जिलों के निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ हो जाएंगे। विंध्य क्षेत्र के मिर्जापुर व सोनभद्र जिलों में निर्माण कार्यों का शीघ्र शुरू किए जाने की कार्यवाही हो रही है। आर्सेनिक/फ्लोराइड और जेई/एईएस प्रभावित क्षेत्रों में डीपीआर की कार्यवाही की जा रही है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2024 तक ‘हर घर नल’ योजना से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे वर्ष 2022 तक पूर्ण किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में इसकी सफलता के लिए समयबद्ध ढंग से कार्य किया जाना आवश्यक है, जिसके लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।