लखनऊ। झांसी के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सार्थक खन्ना की संदिग्ध हालत में हॉस्टल की बालकनी से गिरकर हुई मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। बेटे की मौत से डॉ. रवि खन्ना टूट गए हैं।
बुधवार को निरालानगर स्थित घर के बाहर सन्नाटा था। डॉ. रवि किसी से बात नहीं कर रहे थे। बेटे का शव लेने के लिए उनकी पत्नी निधि झांसी रवाना हो गई हैं।
निधि मकान के भूतल पर ही स्कूल चलाती हैं। घटना की जानकारी के बाद से स्कूल के कर्मचारी भी गुमसुम हैं। कर्मचारियों ने बताया कि बेटे सार्थक को डॉक्टर बनाने का सपना संजोकर रवि व निधि ने झांसी भेजा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हालांकि, सार्थक के बालकनी से गिरने की बात किसी को हजम नहीं हो रही है। बेसुध रवि बार-बार यही दोहरा रहे थे कि पता होता कि बेटे के साथ ऐसा होगा तो उसे मंगलवार को वापस नहीं भेजता। वह बेटे का नाम लेकर फफक पड़े। डॉ. रवि की बेटी नारायणी गुड़गांव में रहती है। भाई की मौत की खबर सुनकर वह भी बदहवास है।