दुबग्गा स्थित लालबाग के भूहर द्वितीय परिषदीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को लोक संस्कृति शोध संस्थ
लखनऊ। दुबग्गा स्थित लालबाग के भूहर द्वितीय परिषदीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को लोक संस्कृति शोध संस्थान की ओर से दादी-नानी कहानी कार्यक्रम हुआ। कहानियों के माध्यम से बच्चों को संदेश दिया गया कि सच्ची खुशी तुलना में नहीं, बल्कि संतोष और स्वतंत्रता में निहित है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विचार साझा किए। कक्षा एक की छात्रा अलीना ने कहा कि यह वसंत ऋतु नई शुरुआत और प्रकृति के खिलने का संदेश देती है। जीवन में सबसे जरूरी खुश रहना और स्वस्थ रहना है। कक्षा चार की छात्रा पलक ने ईमानदार लकड़हारे की कहानी सुनाकर सच्चाई और ईमानदारी का महत्व समझाया। कक्षा दो की छात्रा पलक कुमारी ने कहा कि मोर पिंजरे में कैद रहता है जबकि कौवा खुले आकाश में उड़ता है, इसलिए वही सबसे खुश है।
स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने कौवे की प्रेरक कथा सुनाई। कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताएं हुईं। चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता ने प्रेरक कविता सुनाई, जिसे बच्चों ने दोहराया। संस्थान की सचिव डॉ. सुधा द्विवेदी, प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष पंवार, सहायक अध्यापक ऊषा देवी वर्मा, सोशल लाइफ लाइन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
दुबग्गा स्थित लालबाग के भूहर द्वितीय परिषदीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को लोक संस्कृति शोध संस्थ