उत्तर प्रदेश पुलिस के ग्रेड-ए कंप्यूटर ऑपरेटर हबीब उर रहमान अंसारी ने अपनी मेहनत के दम पर सफलता पाकर साबित कर दिया कि अगर जुनून हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है।
हबीब उर रहमान ने इससे पहले लोअर पीसीएस में मार्केटिंग ऑफिसर पद पर सफलता हासिल की थी। अब उनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है।
हबीब का कहना है पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए उन्हें भी सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की प्रेरणा मिली और हर रोज पांच घंटे का वक्त पढ़ाई के लिए निकाला। उन्होंने बताया कि धैर्य, निरंतरता और बेहतर गाइडेंस से उन्हें ये सफलता हासिल हुई है।
मूल रूप से गोंडा निवासी हबीब उर रहमान ने आईटी फैजाबाद से वर्ष 2010 में बीटेक की उपाधि हासिल की है। इसके लिए उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। 2013 तक उन्होंने प्राइवेट टेलीकॉम में नौकरी की। जिसके बाद 2014 में उनकी नौकरी पुलिस विभाग के कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद हुई। जहां काम करते हुए उन्हें सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की प्रेरणा मिली।
हबीब ने सफलता के लिए अपने दोस्त बिहार निवासी हरेंद्र सिंह राठौर को धन्यवाद दिया। कहा कि हरेंद्र की मदद से उन्हें बेहतर गाइडेंस मिला। इतना ही नहीं हरेंद्र ने उन्हें अलीगंज में अपने कमरे में रहने के लिए जगह दी और तैयारी करने में मदद की।