लखनऊ। आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा बुधवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि पूर्णिमा तिथि मंगलवार शाम 6ः18 बजे से शुरू होकर बुधवार रात 8ः05 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर बुधवार को ही स्नान-दान, व्रत और गुरु पूजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 5:41 से 9:47 बजे तक पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। इस दिन चंद्रमा मकर राशि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेंगे, जबकि बृहस्पति कर्क राशि में उच्च के होंगे। इस शुभ संयोग में गुरु पूजन, मंत्र जाप, ध्यान, दान-पुण्य, सत्यनारायण कथा और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना विशेष फलदायी माना गया है।
महर्षि वेदव्यास की जयंती होने के कारण इस पर्व को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था।