सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। ऐलान किया कि वह गुजरात नरसंहार के दोषी को किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे।
दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा से सपा की सीधी लड़ाई होगी। कहा कि सपा का अगला निशाना दिल्ली है।
इसके लिए कार्यकर्ताओं को गांव-गांव में जुट जाना चाहिए। सपा के लिए एक-एक सीट बहुत महत्वपूर्ण है।
गांव की गलियों से लेकर नगरों के मोहल्लों तक लड़ाई लड़ने को कमर कसें। भाजपा को हराने का संकल्प लें।
मुलायम मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले सपा मुखिया ने मीडिया से आग्रह किया कि उनकी सभी बातों को न छाप दिया करें।
ये बातें वे अपनी पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं से करते हैं। इसलिए ऐसी बातें भी बोल देते हैं जो सिर्फ संगठन के भीतर और घर की होती हैं। पर, मीडिया उन्हें छाप देता है। इससे ठीक संदेश नहीं जाता।
सांप्रदायिक ताकतों का रोकेंगे रास्ता
यादव ने कहा कि भाजपा से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी गुजरात में नरसंहार का दोषी है। ऐसे व्यक्ति को वह देश का पीएम नहीं बनने देंगे। सपा ही भाजपा को हराने में समर्थ होगी।
इसके लिए कार्यकर्ताओं को अभी से कमर कस लेनी चाहिए। मुलायम ने कहा कि जनता के सहयोग, नौजवानों के परिश्रम और कार्यकर्ताओं की सक्रियता से सपा की नीतियां घर-घर पहुंच गईं और विधानसभा चुनाव में सपा की बहुमत की सरकार बन गई।
अब एक बार फिर वही चुनौती कार्यकर्ताओं के सामने है। इस सरकार ने विकास और जनहित के इतने काम किए हैं जितने किसी और सूबे में नहीं हुए हैं।
किसानों की कर्ज माफी, मुफ्त दवाई और पढ़ाई के साथ कन्या विद्याधन, लैपटॉप वितरण, 10वीं पास मुस्लिम लड़कियों को अनुदान और बेकारी भत्ता ये सभी सुविधाएं राज्य सरकार ने दी हैं।
अगले दो महीने बड़ी चुनौती वाले
मुलायम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव के लिहाज से अगले दो महीने सपा के लिए बड़ी चुनौती वाले हैं। इस बार कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। विपक्षी हमलावर हैं। छोटी-छोटी घटनाओं को तूल दिया जा रहा है।
यादव ने कहा कि राजनीति बहुमत का खेल है। जब ज्यादा सीटों पर सपा जीतेगी, तभी सांप्रदायिक ताकतों को शिकस्त मिलेगी। कार्यकर्ता अब अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में डट जाएं।
लोकसभा चुनाव की लड़ाई गांव-घर और मोहल्लों तक लड़ी जानी है। सपा ही भाजपा और एनडीए को दिल्ली से दूर रखे हुए है।
कांग्रेस घोटालों में घिरी है और बसपा अपने काले कारनामों की वजह से जनता की निगाह से उतर चुकी है। ऐसे में सपा का ताकतवर होना जरूरी है।