जीएसटी लागू होने के चार माह बाद भी प्रदेश के व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसलिए वाणिज्यकर विभाग ने व्यापारियों की परेशानी से जुड़े 13 प्रमुख बिंदु तैयार किए हैं। इन बिंदुओं को अब जीएसटी काउंसिल में रखा जाएगा।
सभी जोन के एडीशनल व जॉइंट कमिश्नरों से उन समस्याओं की सूची मंगाई गई है, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रहा है। इन समस्याओं को 9 व 10 नवंबर को गुवाहाटी में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा। दरअसल, चार माह बाद भी स्थानीय स्तर पर जीएसटी से जुड़ी व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
लिहाजा व्यापारी इस नई कर प्रणाली को लेकर नाराज हैं। व्यापारी संगठनों ने इस संबंध में कई केंद्रीय नेताओं से अपना विरोध जता चुका है। व्यापारियों की सबसे अधिक परेशानी जीएसटी पोर्टल के ठीक से काम न करने को लेकर है। ऑनलाइन सिस्टम में कई तरह की त्रुटियों को दूर नहीं करने से व्यापारियों को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
इसी तरह कर भुगतान में भी व्यापारियों की कई समस्याएं हैं। इस स्थिति को देखते हुए वाणिज्य कर विभाग ने प्रमुख समस्याओं की सूची तैयार की है। एडीशनल कमिश्नर (जीएसटी) विवेक कुमार ने बताया कि 9 व 10 नवंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों की इन समस्याओं को रखा जाएगा।