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48 ट्रेनों का किराया 75 रुपये तक बढ़ा, यूपी की 8 ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा

Wed, 08 Nov 2017 12:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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छपरा-मथुरा एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र चंडीगढ़ एक्सप्रेस, कानपुर-ऊधमपुर एक्सप्रेस सहित यूपी की आठ ट्रेनों का किराया रेलवे ने बढ़ा दिया है। इन ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दे दिया गया है। जिससे इनके किराए में 30 रुपये से 75 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हो गई है।
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ट्रेनों की लेटलतीफी, सीटों के लिए मारामारी, गंदगी और पानी की किल्लत, बंद पंखे और ठप एसी, टूटे चार्जर प्वॉइंट और सीटें, बढ़ती चोरी की घटनाएं। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रोज इस तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। इसके बावजूद रेलवे यह समस्याएं दूर करने के बजाय किराया बढ़ाने में जुटी है।

रेलवे ने उत्तर, पूर्वोत्तर और उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी रेलवे जोनों की 48 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड कर दिया है। अधिकारियों की दलील है कि इन ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। इनमें से दस ट्रेनें उत्तर प्रदेश से गुजरती हैं।
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बता दें कि इन ट्रेनों की स्लीपर बोगियों में यात्रा करने पर 30 रुपये, सेकंड और थर्ड एसी के लिए 45 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए 75 रुपये अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज देना होगा। इससे रेलवे को 70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की उम्मीद है।

देखें, इन ट्रेनों का बढ़ेगा किराया

डेमो - फोटो : डेमो
पाटलीपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (22355), चंडीगढ़ पाटलीपुत्र एक्स. (22356), कानपुर-ऊधमपुर एक्स. (14155), ऊधमपुर कानपुर एक्स. (14156), छपरा-मथुरा एक्स. (22531), मथुरा-छपरा एक्स. (22532), दरभंगा-जालंधरसिटी अंत्योदय एक्स. (15567), जालंधर सिटी-दरभंगा अत्योदय एक्स. (15568)। 

रेलवे ने 48 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को अपग्रेड कर सुपरफास्ट का दर्जा तो दे दिया लेकिन वास्तव में इनकी हालत पैसेंजर ट्रेनों से भी बद्तर है। किराया बढ़ाने के बावजूद रेलवे सुविधाएं बढ़ाने के नाम पर इसमें से एक पैसा भी खर्च नहीं करने जा रहा है। 

सुपरफास्ट ट्रेनों की बदहाली पर नियंत्रक एवं महालेखाकार परीक्षक (सीएजी) फटकार भी लगा चुके हैं। गत जुलाई में आई सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2016 के बीच उत्तर मध्य और दक्षिण मध्य रेलवे ने यात्रियों से 11.17 करोड़ रुपये सुपरफास्ट चार्ज वसूला गया।

जबकि 21 सुपरफास्ट ट्रेनें 55 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से नहीं चलीं। गत जुलाई, अगस्त व सितंबर में 890 सुपरफास्ट ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार हुईं। जुलाई में 129, अगस्त में 145 और सितंबर में 183 सुपरफास्ट ट्रेनें तीन घंटे से ज्यादा देरी से चलीं। सीएजी ने कहा कि सुपरफास्ट ट्रेनों की स्पीड सिर्फ कागजों में बढ़ती है। 
 
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सिर्फ कागज पर बढ़ेगी स्पीड

डेमो - फोटो : डेमो
   ट्रेन                                          पहले           अब
पाटलीपुत्र-चंडीगढ़ एक्स.(22355)     56             56
चंडीगढ़ पाटलीपुत्र एक्स.(22356)     51.4          55.2
कानपुर-ऊधमपुर एक्स.(14155)      52.9           56
ऊधमपुर कानपुर एक्स.(14156)       40.4          55.8
छपरा मथुरा एक्स.(22531)            53               55.3
मथुरा छपरा एक्स.(22532)             50              55.3

‘48 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में अपग्रेड किया गया है। इनकी स्पीड बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की सुविधाओं और ट्रेनों की टाइमिंग सुधारने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।’ - नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे
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