सपा के मजबूत गढ़ में बसपा उसे कड़ी चुनौती देती हुई दिखाई पड़ रही है। वोटरों की मानें तो इस बार यहां कमल का खिलना भी तय माना जा रहा है। हालांकि जिले की ज्यादातर सीटों पर सपा और बसपा के बीच ही मुख्य लड़ाई है।
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यहां अब तक जीत-हार के समीकरण मुस्लिमों के अलावा हरिजन और यादव जाति के रुझान पर निर्भर करते रहे हैं, पर इस बार इनसे इतर जातियों के मतदाता भी अपनी ताकत का अहसास कराने की जुगत में हैं।
2012 के विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ जिले की 10 में से नौ सीटें सपा ने जीती थीं, लेकिन इस बार उसका रास्ता यहां उतना निष्कंटक नहीं दिख रहा। सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत जिले की सभी सीटों पर सपा ही चुनाव मैदान में है।
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आजमगढ़ सदर सीट पर सपा से कैबिनेट मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, बसपा से भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना और भाजपा से अखिलेश मिश्रा भाग्य आजमा रहे हैं। शहर के नरौली इलाके में चाय-पकौड़ी की दुकान चलाने वाले जय प्रकाश चौहान कहते हैं सदर सीट पर सपा, बसपा और भाजपा के बीच लड़ाई है।
हालांकि, वहीं बैठे बलधारी यादव ऐसा नहीं मानते। उनका कहना था कि यहां सपा और बसपा में ही मुख्य मुकाबला है। जुनैदगंज के इंटरमीडिएट के छात्र इश्तियाक अहमद पहली बार वोट देंगे। कहते हैं कि यहां से दुर्गा प्रसाद का ही पलड़ा भारी रहेगा।
सिगड़ी में बसपा प्रत्याशी से सहानुभूति
सगड़ी में चुनाव पर चर्चा करते उत्तम सिंह और जयसिंह
- फोटो : amar ujala
वहीं, मुख्य चौक पर मिले अखिलेश मिश्रा भाजपा को कमजोर मानने के लिए तैयार नहीं। मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा ने अखिलेश यादव, बसपा ने मौजूदा विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू और भाजपा ने लक्ष्मण प्रसाद पर दांव लगाया है।
मुस्लिम मतदाता यहां सपा और बसपा के बीच बंटता दिख रहा है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी प्रचार के मामले में समर्थकों की उम्मीदों पर खरा उतरते नहीं दिख रहे हैं। मुबारकपुर की पुरानी बस्ती के रहने वाले शाह आलम दावे के साथ कहते हैं कि यहां मुख्य लड़ाई में सपा और बसपा ही है।
हालांकि कुछ ही फासले पर मिले मो. साजिद बसपा को और जमील अख्तर सपा को अपनी पहली पसंद बताते हैं। व्यापारी अशोक कुमार जायसवाल कहते हैं कि यहां भाजपा ने अपना प्रत्याशी देर से घोषित किया, इस वजह से प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। पप्पू राम और ओमप्रकाश हरिजन बसपा की जीत को लेकर मुतमईन दिखे।
सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से सपा ने मौजूदा विधायक अभय नारायण पटेल का टिकट काटकर जयराम पटेल को मौका दिया है। वहीं, भाजपा ने देवेंद्र कुमार सिंह और बसपा ने वंदना सिंह को मैदान में उतारा है।
सगड़ी तहसील मुख्यालय के बाहर मिले अधिवक्ता अनुराग दीक्षित और सुभाष चंद्र मोदनवाल कहते हैं कि कुछ समय पहले बसपा प्रत्याशी के पति की हत्या कर दी गई थी, इस वजह से उन्हें लेकर मतदाताओं में सहानुभूति है। दोनों की मानें तो यहां बसपा और सपा में मुख्य मुकाबला है।
गोपालपुर सीट पर सपा, बसपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर
डेमो
- फोटो : amar ujala
वहीं, जयशंकर मौर्य का कहना था कि गैर मुस्लिम, गैर यादव और गैर हरिजन जाति के लोग भी इस बार कुछ ठान चुके हैं। जीत-हार के बारे में नहीं कह सकते। राधेश्याम यादव का गणित है कि मुसलमान और यादव सीएम अखिलेश यादव के नाम पर वोट देगा। इसलिए सपा के अलावा अन्य दलों के समीकरण धरे रह जाएंगे।
गोपालपुर सीट पर सपा, बसपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। यहां से सपा ने मंत्री वसीम अहमद का टिकट काटकर नफीस अहमद, बसपा ने कमला प्रसाद यादव और भाजपा ने श्रीकृष्ण पाल को प्रत्याशी बनाया है।
चौहद्दी गांव के लालचंद यादव मानते हैं कि अगर यहां यादव जाति के मतदाता बंटे तो भाजपा फायदा उठा सकती है। विक्रम विश्वकर्मा और रम्पू मिश्रा का मानना है कि ज्यादातर व्यापारी वर्ग भाजपा के साथ है।
मधनापुर गांव के अरमान अली सपा को आगे बताते हैं। गोपालपुर बाजार में मिले डॉ. राधेश्याम सपा और बसपा के बीच ही कड़ी टक्कर मानते हैं। श्रीनगर सियहरा के विजय राय और रमेश पासवान कहते हैं कि इस बार यहां भाजपा का प्रदर्शन खराब नहीं रहेगा।
निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र की रानीपुर बाजार में बृहस्पतिवार को जब यह संवाददाता पहुंचा तो वहां खासी भीड़भाड़ थी। निजामाबाद में सपा से मौजूदा विधायक आलमबदी, बसपा से पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव उर्फ करेली और भाजपा से विनोद राय मैदान में हैं।
क्षेत्र में यादव जाति का वोट बंटने से मुकाबला दिलचस्प और तिकोना हो गया है। यहां सपा की उम्मीदें मुस्लिम और यादव जाति के मतदाताओं पर ज्यादा टिकी है, तो बसपा प्रत्याशी भी उसके वोट बैंक में सेंध लगाते हुए दिख रहे हैं।
संत प्रसाद यादव कहते हैं कि बसपा के सजातीय प्रत्याशी और सपा प्रत्याशी में से किसे चुनें, इसे तय करने में थोड़ी मुश्किल हो रही है। सच्चिदानंद शर्मा कहते हैं कि इस बार समीकरण कुछ ऐसे बन गए हैं कि भाजपा भी दौड़ती दिख रही है।
इसी तरह से अतरौलिया और फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा, बसपा और सपा के बीच तिकोना मुकाबला है, वहीं दीदारगंज में सपा और बसपा मुख्य लड़ाई में है। लालगंज में भाजपा के सपा से पूर्व सांसद रहे दरोगा प्रसाद सरोज को मैदान में उतारने से मुकाबला तिकोना हो गया है।
सपा के प्रत्याशी व मौजूदा विधायक बेचई सरोज और बसपा के आजाद भी मुख्य लड़ाई में हैं। मेंहनगर सुरक्षित सीट पर सपा के कल्पनाथ पासवान, भाजपा-भासपा गठबंधन से भासपा प्रत्याशी मंजू सरोज और बसपा से विद्या चौधरी के बीच भी कांटे की टक्कर बताई जाती है।