कानपुर में बिल्हौर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक भगवती प्रसाद सागर के टिकट कटने के डर से सपा का दामन थामने के बाद इस बार यहां दिलचस्प संग्राम देखने को मिल रहा है। इस सीट पर सभी प्रमुख दलों ने नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने यहां पर 2017 में दिवाकर बिरादरी के प्रत्याशी को टिकट दिया था, इस बार सोनकर बिरादरी के प्रत्याशी को। भाजपा की तरफ से प्रत्याशी बनाए गए मोहित उर्फ राहुल बच्चा सोनकर के पिता काला बच्चा सोनकर भी एक बार यहां से चुनाव लड़े थे। बाद में उनकी हत्या हो गई थी। पार्टी इसी संवेदना को भुनाने के लिए उनके बेटे को मैदान में ले आई है। हालांकि, सपा, बसपा और कांग्रेस ने यहां से महिलाओं को मैदान में उतारा है। बसपा से मधु गौतम का बिल्हौर में मायका है। इनके पति वर्तमान में हाथरस में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। इसी तरह सपा ने रचना सिंह गौतम को टिकट दिया है। रचना समाजसेवी के रूप में क्षेत्र में चर्चित हैं। जबकि कांग्रेस से पार्टी की जिलाध्यक्ष रहीं ऊषा रानी कोरी चुनावी मैदान में हैं।
विधानसभा चुनाव में नए होने की वजह से इन सभी प्रत्याशियों को खुद को मतदाताओं के बीच साबित करना है। यही वजह है कि प्रत्याशियों से ज्यादा राजनीतिक दलों ने यहां पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रखी है। सुरक्षित सीट पर दलितों के वोटों को बंटवारा तो तय है, लेकिन जो प्रत्याशी सवर्णों और पिछड़ों में जितनी सेंध लगा पाएगा, उसी का बेड़ा पार होगा। भाजपा के लिए इस बार यह सीट उतनी आसान नहीं है, जितनी 2017 के विधानसभा चुनाव में थी। इन सीट पर प्रत्याशियों की बढ़त और कमजोर पड़ने का असर आसपास की घाटमपुर, रसूलाबाद सुरक्षित सीटों पर भी पड़ेगा।
वोटों का गणित
2017 का चुनाव परिणाम