अमरेंद्र के मुताबिक उन्होंने निरालानगर में ही गेस्टहाउस व होटल बुक कराया और 20 हजार रुपये जमा किए। 23 मार्च को अनुराग के परिवारीजनों के कहने पर उन्होंने अमीनाबाद के गाढ़ा भंडार से रजनी सिंह को उनकी पसंद के 50 हजार रुपये के कपड़े दिलाए।
अनुराग के परिवारीजनों का कहना था कि वह दहेज में कोई सामान नहीं लेंगे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी नियत में खोट आ गया। उन्होंने दहेज में कार और होने वाली बहू के लिए एलईडी टीवी, एसी, डबल बेड, सोफा सेट व नकद राशि की मांग रख दी। असमर्थता जताने पर अनुराग के माता-पिता ने सात अप्रैल को शादी तोड़ दी।
अमरेंद्र ने विभिन्न कार्यक्रम और खरीदारी में खर्च रुपये मांगे तो संजीत कुमार सिंह उर्फ अनिल दादा व रजनी उर्फ मधु सिंह धमकाने लगे। वैभवी ने खुद को एलआईयू में दरोगा बताते हुए मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
अमरेंद्र का कहना है कि अनुराग व उसके माता-पिता और बहन ने शादी के नाम पर करीब पौने चार लाख रुपये के सामान की ठगी की है। सीओ ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। हसनगंज कोतवाली की पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं।