उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर आ रही है कि कानपुर के अकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम ग्रीन पार्क को जल्द ही उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के हवाले कर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के खेल मंत्री नारद राय के मुताबिक, खेल विभाग और यूपीसीए के बीच आम सहमति बन चुकी है। एक प्रस्ताव भी तैयार किया जा चुका है, जिसे शासन में मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, कुछ कद्दावर लोग इसे कैबिनेट में मंजूरी दिलाने में लगे थे और अब पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल जाएगी।
बताया जा रहा है कि खेल विभाग 30 साल की लीज पर ग्रीन पार्क को यूपीसीए के हवाले कर देगा और इसकी एवज में सालाना एक करोड़ रुपये लिए जाएंगे।
फिर होंगे क्रिकेट मैच
लंबे अरसे से धूल फांक रहे ग्रीन पार्क स्टेडियम में एक बार फिर इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह फैसला सही नहीं है और इसकी कीमत भी बहुत कम लगाई गई है। विशेषज्ञ यह भी बता रहे हैं कि यह नियम के खिलाफ भी है क्योंकि यूपीसीए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है।
खेल विभाग की तरफ से बताया गया है कि इस कांट्रैक्ट के बाद ग्रीन पार्क की रौनक तो लौटेगी ही, साथ ही मोटी कमाई भी शुरू हो जाएगी। इंटरनेशनल खेलों से होने वाली कमाई की 25% रकम खेल विभाग को भी मिलेगी।
दूसरा पक्ष लगातार यह भी सामने आ रहा है कि यूपीसीए पहले से ही विवादित रही है और इसमें कई प्रभावशाली लोगों की तूती बोलती है। उन्हें के प्रभाव में ग्रीन पार्क को हथियाने का काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मायावती कार्यकाल में भी ऐसा ही एक प्रस्ताव तैयार हुआ था जिसे तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। अब नई हुकूमत में इसे फिर से मंजूरी दिलाने की पूरी जोर आजमाइश हो रही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर इस पूरे मामले की जांच हुई तो कई बड़े अफसर फंस सकते हैं। बहरहाल, इसमें कोई दो राय नहीं कि क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह काफी अच्छी खबर है।