राजेंद्र नगर स्थित महाकाल मंदिर में हुआ महाकाल का रुद्राभिषेक। -अमर उजाला
लखनऊ। सावन के पहले दिन एक ओर जहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त शिवालयों में पहुंचे तो वहीं दूसरी ओर आसमान से मेघों ने भी जलाभिषेक किया। राजधानी के शिव मंदिरों में महादेव का भव्य शृंगार किया गया। महाआरती, रुद्राभिषेक के साथ भस्म आरती से भगवान शंकर का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें भोग लगाया गया। शाम को महिला मंडल ने भजन-कीर्तन से वातावरण को शिवमय कर दिया। सावन के पहले दिन ही सुबह बारिश ने भी मौसम की तल्खी को काफी हद तक कम दिया और दिनभर अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया।
राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में शुक्रवार को भोर में दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही संकल्प के साथ वेदी पूजन किया गया। आलोक गुप्ता और उनकी पत्नी अंशु गुप्ता ने गर्भग्रह में बाबा का अभिषेक किया जो छह बजे तक चला। इसके बाद 6:15 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले गए और भक्तों ने जलाभिषेक किया। दर्शन-पूजन का सिलसिला दोपहर तक चला और फिर 12 बजे कपाट बंद कर दिए गए। मंदिर के आचार्य अतुल मिश्रा ने बताया कि 12:30 बजे से रुद्राभिषेक की शुरुआत हुई। इसके बाद बाबा की भस्म आरती की गई। शाम को पांच बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए खोले गए। शाम 6:30 बजे से लेकर आठ बजे तक महिला मंडल ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया। शाम आठ बजे आरती हुई और 8:30 बजे बाबा का शृंगार किया गया। रात नौ बजे शयनमंगल आरती हुई। इस दौरान सुबह से लेकर शाम तक हजारों भक्तों ने जलाभिषेक किया।