स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. व्रजभूषण मिश्र ‘ग्रामवासी’ की 114वीं
जयंती गांधी भवन में मंगलवार को मनाई गई।
इस अवसर पर आजादी की लड़ाई में
उत्कृष्ट योगदान के लिए देवनंदन मुनि को ‘ग्रामवासी’ सम्मान से अलंकृत किया
गया। मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. शम्भूनाथ रहे।
अध्यक्षीय भाषण में मदन
मोहन मनुज ने ग्रामवासी द्वारा दिए गए पांच प्राण-सूत्रों की जानकारी दी।
डॉ. विद्याबिन्दु सिंह, रामेश्वर, विमल शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।
देवकीनंदन शांत व रमा सिंह ने काव्यांजलि प्रस्तुत की।
इस अवसर पर
ग्रामवासी स्मृति-स्मारिका, सुरेन्द्र कुमार दीक्षित का काव्य संग्रह ‘है
नहीं तरुशेष’ और शुभाशा मिश्र के काव्य संकलन ‘ओस की बूंद’ का विमोचन भी
किया गया।