लखनऊ। कानपुर के चमनगंज निवासी एजाज मोईन ओवैसी व फेंग इंटरनेशनल फर्म के निदेशक गुलरेज अहमद ने कारोबार के नाम पर एनआरआई सवालेह हसन अंसारी से ब्याज पर लिए 1.29 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। कोर्ट के आदेश पर पीजीआई पुलिस ने दो नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
हुसैनगंज के मलका गोटी पाटक निवासी प्रो. सउद उल पीजीआई सेक्टर-6 स्थित द सिटी स्कूल के निदेशक व स्वीडन के सवालेह स्कूल के चेयरमैन हैं। सवालेह ने पावर ऑफ अटार्नी उन्हें दे रखी है। प्रो. सउद के मुताबिक जून 2019 में सवालेह के भारत आने पर परिचित एजाज ने उनकी मुलाकात स्कूल में गुलरेज से कराई। उसने खुद को सब्जी निर्यातक बताते हुए कहा था कि विदेश में उसका माल फंस गया है। उसे दो करोड़ रुपये की जरूरत है, ताकि फिर से कारोबार शुरू कर सके।
प्रोफेसर ने बताया कि गुलरेज ने सवालेह से दो करोड़ रुपये 18 प्रतिशत सालाना ब्याज की दर पर देने की बात कही। बातों में आए सवालेह ने स्कूल में गुलरेज व एजाज को 1.29 करोड़ रुपये दे दिए। प्रोफेसर का आरोप है कि गुलरेज ने सिर्फ एक साल का ब्याज दिया और रकम भी लौटाने से मना कर दिया।
तकादा करने पर गुलरेज मार्च तक आश्वासन देता रहा। आरोप है कि दबाव बनाने पर दोनों आरोपियों व उसके अज्ञात साथियों ने कॉल पर धमकाना शुरू कर दिया। सवालेह के कहने पर प्रोफेसर ने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक तफ्तीश चल जा रही है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई होगी।