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सारे दावे हवा-हवाई: जीपीएस सिस्टम फेल, नगर निगम में धड़ल्ले से तेल चोरी

Thu, 08 Aug 2019 01:23 PM IST
ishwar ashish प्रवेंद्र गुप्ता/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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तेल चोरी रोकने को नगर निगम एक साल से नया जीपीएस सिस्टम लगवा रहा है। निगम में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 600 गाड़ियां हैं, लेकिन आधी में ही अब तक जीपीएस लग पाया है। इसके चलते निगम की गाड़ियों से तेल चोरी थम नहीं रही है।

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ड्राइवर खुलेआम केंद्रीय कार्यशाला के आसपास पास ही गाड़ी खड़ी कर तेल चोरी कर रहे हैं। करीब चार महीने पहले पुलिस ने गोमती नगर क्षेत्र में नगर निगम के कई कर्मचारियों को गाड़ियों से तेल चोरी करके बेचते पकड़ा था।

एफआईआर भी दर्ज हुई थी, लेकिन उसके बाद भी कर्मचारी मान नहीं रहे हैं। अब फिर तेल चोरी पकड़ी गई और कार्यदायी संस्था से तैनात दो कर्मचारी सूरज पाल पुत्र रामपाल और अरविंद कुमार पुत्र पप्पू को नौकरी से हटा दिया गया और एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन जीपीएस पर सवाल न उठे उसके लिए निगम प्रशासन तेल चोरी के मामले को दबा दिया।
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चोरी के इस खेल में केंद्रीय कार्यशाला के कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है। इसके चलते ही यह थम नहीं रही है।

300 में ही लग पाया जीपीएस सिस्टम

प्रतीकात्मक तस्वीर
एक साल में लगातार तेल चोरी पकड़े जाने के बाद कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई। उनको नौकरी से निकाला गया, लेकिन वह बाज नहीं आ रहे हैं। इसको देखते हुए निगम प्रशासन ने बीते साल नया जीपीएस सिस्टम गाड़ियों में लगाने का आदेश किया था।

एक निजी कंपनी को यह काम दिया गया है, लेकिन तेल चोरी करने वालों के विरोध और उनकी मजबूत पहुंच के कारण यह काम पूरा ही नहीं हो पा रहा है। बीते करीब एक साल में नगर निगम की करीब 600 गाड़ियों में से महज 300 में ही जीपीएस सिस्टम लग पाया। जिससे तेल चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है।

नया जीपीएस सिस्टम लगाने का आदेश करते समय अफसरों ने दावा किया था कि अब यह भी पता चलेगा कि कितनी देर गाड़ी चली, कितने किलोमीटर चली। कितनी देर इंजन चालू रहा है और कितनी देर बंद रहा। नए सिस्टम में यह भी पता चलेगा कि कितनी देर गाड़ी स्टार्ट में खड़ी रही और कितनी देर इंजन बंद होने पर।

टंकी में कितना तेल भरा गया था उसमें से कितना खर्च हुआ और कितना बचा। उसकी ऑनलाइन जानकारी नगर निगम के कंट्रोल मॅानीटर पर आती रहेगी। जिससे तेल चोरी आसान नहीं रहेगी, लेकिन यह सब हवाई साबित हो रहा है।
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नए सिस्टम से आगे हैं तेल चोर

जीपीएस लगने के बाद तेल चोरी का एक नया मामला पकड़ा गया था। इसमें कर्मचारी ने गाड़ी के वाइपर को हटाकर उसके मोटर का कनेक्शन स्पीडोमीटर से कर दिया था। इससे वाइपर ऑन करने पर स्पीडोमीटर चल रहा था।

सामने से वाइपर हटा दिए गए थे, इससे सामने से कुछ पता भी नहीं चलता था कि वाइपर का स्विच ऑन है। इसके जरिए चालक खुलेआम तेल चोरी कर रहा था, हालांकि अचानक गोपनीय शिकायत पर पकड़ा गया था।

जल्द पूरा होगा काम
तेल चोरी में पकड़े गए कर्मचारियों को हटा दिया गया है। जिन गाड़ियों में अभी जीपीएस नहीं लग पाया है उनमें उसे लगाने का काम जल्द पूरा कराया जाएगा। - इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
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