सूबे में चल रही परियोजनाओं की सुस्त चाल पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के अल्टीमेटम के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार सुबह सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में अफसरों के साथ बैठक कर सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग का जिम्मा मुख्य सचिव आलोक रंजन व अपने प्रमुख सचिव राकेश बहादुर को सौंपा है। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास कराया जा चुका है, उनकी प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जिन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है, उनमें आ रही अड़चनों को दूर कराकर तत्काल काम शुरू कराया जाए।
गौरतलब है कि रविवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास के दौरान मुलायम ने अखिलेश सरकार की जमकर खिंचाई की थी। उन्होंने मंत्रियों को 15 दिन में सुधरने की मोहलत देते हुए हटाने का अल्टीमेटम तक दे डाला।
पार्टी प्रमुख के कड़े तेवर के बाद से सरकार और नौकरशाही के होश उड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अफसरों को साफ कह दिया कि अब हीला-हवाली नहीं चलेगी। उन्होंने उन परियोजनाओं का ब्यौरा तैयार करने को कहा है जिनका शिलान्यास कराया जा चुका है।
इन्हें तय समय में पूरा कराने पर जोर
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, राजधानी की सीजी सिटी में प्रस्तावित कैंसर अस्पताल, लखनऊ मेट्रो, नई बिजली परियोजनाओं तथा 2016 से गांवों को 18-20 घंटे तथा शहरों को 22-24 घंटे बिजली आपूर्ति, सिंचाई के लिए सोलर पंप, किसान मार्केट की स्थापना, आगरा व बुद्ध सर्किट कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण, इटावा में लॉयन सफारी, गौतमबुद्धनगर में नाइट सफारी, पुलिस कंट्रोल रूम के आधुनिकीकरण, जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र, आईटी सिटी, अंतरराज्यीय एयरलाइंस जैसी योजनाओं की सघन मॉनिटरिंग करके इन्हें तय समय में पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
अब मुख्यमंत्री खुद भी इन योजनाओं की नियमित समीक्षा करेंगे।