प्रदेश सरकार कॉमर्शियल वाहनों की रफ्तार थामने जा रही है। इसके लिए इन वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की योजना है। सरकार की यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए की गई है। इस बाबत सरकार शीघ्र ही कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाने जा रही है। वहां से हरी झंडी के बाद व्यावसायिक वाहनों को स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी हो जाएगा।
आंध्र प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों ने वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी कर दिया है। वहां 50 व 65 किलोमीटर तक गति नियंत्रित करने वाले डिवाइस वाहनों में लगाए जा रहे हैं। इसे लगाने के बाद वाहनों को तेज गति से नहीं चलाया जा सकता। रफ्तार नियंत्रित होने से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने यहां वाहनों की गति नियंत्रित करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में इसे कॉमर्शियल वाहनों में लगाया जाएगा।
पहले इसे सभी तरह के वाहनों में लगाने की तैयारी थी लेकिन अब इसे चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। परिवहन विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।