प्रदेश की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मुहिम तेज कर दी गई है। लगातार बढ़ रहे लोड के हिसाब से वितरण एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार कराने के लिए बिजली कंपनियों को 1615 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
जबकि व्यापार विकास निधि से कराए जाने वाले कार्यों के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बिजली कंपनियों को स्वीकृत राशि का ब्यौरा भेजकर बिजनेस प्लान और व्यापार विकास निधि से इस वर्ष कराए जाने वाले कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना और लक्ष्यों का ब्यौरा मांगा है।
मिलेंगे 1615 करोड़ रुपये
चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने बिजली कंपनियों द्वारा बिजनेस प्लान और व्यापार विकास निधि से कराए जाने वाले कार्यों के लिए बजट में 1615 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने बिजली कंपनियों को आवंटित की जाने वाली राशि का अनुमोदन कर दिया है।
कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ए.पी. मिश्र ने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक को बजट आवंटन की सूचना भेजकर तत्काल कार्ययोजना उपलब्ध कराने को कहा है ताकि शासन से पैसा जारी कराया जा सके।
बिजनेस प्लान के तहत बिजली वितरण के लिए 33 केवी व 11 केवी की नई लाइनें, उपकेंद्र, ट्रांसफार्मर, एरियल बंच कंडक्टर (इंसुलेटेड तार) आदि के कार्य कराए जाते हैं जबकि व्यापार विकास निधि से उन क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम कराया जाता है जहां कॉमर्शियल उपभोक्ता ज्यादा हैं।
कानपुर को 30 करोड़ का आवंटन
मध्यांचल वितरण निगम, लखनऊ को बिजनेस प्लान के तहत 235 करोड़ तथा व्यापार विकास निधि के तहत 165 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पूर्वांचल वितरण निगम, वाराणसी को बिजनेस प्लान के तहत 250 करोड़ व व्यापार विकास निधि के तहत 110 करोड़, पश्चिमांचल वितरण निगम, मेरठ को बिजनेस प्लान के तहत 325 करोड़ व व्यापार विकास निधि के तहत 120 करोड़ रुपये, दक्षिणांचल वितरण निगम, आगरा को बिजनेस प्लान के तहत 275 करोड़ व व्यापार विकास निधि के तहत 105 आवंटित किए गए हैं।
केस्को, कानपुर को बिजनेस प्लान के तहत 30 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जबकि व्यापार विकास निधि के तहत कोई राशि नहीं दी गई है।
15 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट
ए.पी. मिश्र ने सभी बिजली कंपनियों के एमडी को बिजनेस प्लान से कराए जाने वाले कार्यों का भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य तय करके भेजने के साथ ही 15 जुलाई तक व्यापार विकास निधि से प्रस्तावित कार्यों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।
व्यापार विकास निधि से प्रस्तावित कार्यों के लिए स्थल, कार्य की प्रकृति तथा उससे होने वाले लाभ का ब्यौरा भी मांगा गया है।
बिजली कंपनियों को यह प्रमाणपत्र भी भेजना होगा कि जहां ये कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, वहां किसी अन्य योजना या कार्यक्रम के अंतर्गत कोई कार्य स्वीकृत नहीं है।