दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने से नाराज मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि आतंकवाद को लेकर देश व प्रदेश की सरकारें गंभीर नहीं है। उन्होंने लखनऊ में आतंकियों के समर्थक होने की बात भी कही।
उन्होंने विदेश जाने पर पाबंदी लगाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि देश का पूरा सिस्टम विदेशी ताकतों के हाथ में है जिनके इशारे पर ही उन्हें इराक जाने से रोका गया। वे शुक्रवार को इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मजलिस-ए-उलमा हिंद के महासचिव व शिया धर्मगुरु मौलाना जव्वाद ने कहा कि देश व प्रदेश में आतंकवाद जगह बना चुका है। इससे निपटने को सरकारें गंभीर नहीं है। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने के पीछे इजराइल व अमेरिकी एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाया।
कहा कि वे इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे। क्योंकि सुरक्षा कारणों से उन्हें ही क्यों रोका गया। इसके पूर्व व अब भी लोग इराक जा रहे हैं। कहा कि जब कोई मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे दबाने के लिए देश ही नहीं विदेशी ऐजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं।
आजम खां पर भी साधा निशाना
जव्वाद ने कहा वे अंजुमन हैदरी के छह सदस्यीय दल के साथ आलिम आयतुल्लाह सिस्तानी से मिलने जा रहे थे। मौलाना ने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले कई संगठन व उलमा लखनऊ में मौजूद हैं जिसका सबूत उन्होंने खुद दिया है।
लेकिन सरकार ऐसे लोगों को छोड़ आतंकवाद के विरुद्ध मुहिम चलाने वालों को परेशान कर रही है। इस दौराने उन्होंने आजम खां पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूपी के एक मंत्री के सामान में एयरपोर्ट पर जिंदा कारतूस मिलने पर भी क्लीन चिट दे गई। जबकि उन्हें बेवजह सुरक्षा कारणों का बहाना बना कर रोका गया। यह कहां का इंसाफ है।
भाजपा से थी उम्मीद: मौलाना ने कहा कि वे जोर बाग करबला की मुहिम को लेकर कांग्रेस सरकार का बायकाट कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मौजूदा भजपा सरकार से उन्हें ही नहीं पूरी कौम को उम्मीद थी कि दिल्ली स्थित शाह-ए-मर्दा करबला जोरबाग को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह कोई ठोस निर्णय लेंगे पर अब तक कोई कारवाई नहीं हुई है।
दिल्ली और कश्मीर चुनाव पर तय होगी रणनीति
मौलाना कल्बे जव्वाद ने मौजूदा हालात को लेकर शिया-सुन्नी सम्मेलन जल्द कराने की बात कही।
बताया इस सम्मेलन में मौजूदा हालात के अलावा कश्मीर चुनाव व दिल्ली में होने वाले चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी।