बांग्लादेश से संचालित आतंकी संगठन के फिदायीन आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने वाला राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी फरहान जेल से रिहा नहीं हो पाएगा। वाराणसी जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे फरहान की समयपूर्व रिहाई की याचिका राज्यपाल ने खारिज कर दी है। उसे वर्ष 2006 में चार साथियों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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इस बाबत जारी आदेश के मुताबिक फरहान ने अपने साथियों के साथ मिलकर बांग्लादेश से संचालित फिदायीन आतंकी संगठन हरकत-उल-जेहाद-अल-इस्लामी के आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराई थी। इस मामले में उसे लखनऊ की फास्ट ट्रैक कोर्ट 23 जनवरी 2008 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट में उसकी अपील अभी लंबित है। जेल में करीब 19 वर्ष की सजा भुगतने के बाद उसने समयपूर्व रिहाई की याचिका दी थी। लेकिन, लखनऊ जिला व पुलिस प्रशासन और प्रोबेशन बोर्ड ने उसकी रिहाई की संस्तुति नहीं की। इसके बाद राज्यपाल ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया है। शासन ने इस बाबत कारागार विभाग को आदेश जारी कर दिया गया है।