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रोजाना 17 लोगों से मिलते हैं राज्यपाल, कहा- अखिलेश सरकार भी मेरी थी

Sat, 22 Jul 2017 06:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
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यूपी के राज्यपाल राम नाईक के कार्यकाल के 3 साल पूरे होने पर उन्होंने अपनी वार्षिक कार्यवृत्त‌ि पेश की। ये पहला मौका था जब उन्होंने कार्यवृत्त उर्दू में भी प्रकाशित की गई।
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राज्यपाल ने बताया, वार्षिक कार्यवृत्त‌ि पुस्त‌िका मैं हमेशा राष्ट्रपत‌ि और प्रधानमंत्री को भेजता हूं। उन्होंने बताया क‌ि मैं जनता दरबार नहीं लगाऊंगा लेकिन राजभवन आम जनता के ल‌िए तीन साल तक खुला रहा है। मैं रोजाना 17 लोगों से मिलता हूं। इस साल 70 दिन से ज्यादा आचार संहिता लगी रही जिस वजह से पिछले वर्षों की अपेक्षा इस साल कार्यक्रम कम कर पाया।

राज्यपाल ने कहा क‌ि पहले अखिलेश सरकार भी मेरी थी और अबकी सरकार भी मेरी है। सरकार की तुलना करने का अधिकार जनता को है। उन्होंने कहा क‌ि मेरा अब दो साल का कार्यकाल बचा है। बचे समय में उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की कोशिश करूंगा।
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गवर्नर ने कहा, जब मैंने सत्र के दौरान अभिभाषण शुरू किया था तो उस दौरान मेरे ऊपर कागज के गोले फेंके गए थे फिर भी मैंने आखिरी तक अपना भाषण पढ़ा था।
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छह महीने में करना चाह‌िए काम का आंकलन

राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, मुझे दोनों सरकारों में काम करने में दिक्कत नहीं है।  गवर्नर ने बताया क‌ि अखिलेश यादव से भी मैंने बताया था क‌ि यूपी का स्थापना दिवस मुंबई में मनाया जाता है लेक‌िन यूपी में नहीं। यहां भी यूपी दिवस मनाना चाह‌िए। अखिलेश ने देरी की लेकिन योगी सरकार ने कैबिनेट में पास किया।

राज्यपाल ने कहा क‌ि किसी भी सरकार को कम से कम 6 महीने देने चाह‌िए इसके बाद आंकलन करना चाह‌िए। राज्यपाल ने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
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