राज्यपाल ने राज्य विश्वविद्यालयों के वित्तीय संसाधन बढ़ाने की आवश्यकता जताई। वित्तीय संसाधन बढ़ाने के सुझाव के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति की समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति विश्वविद्यालयों के वित्तीय संसाधन बढ़ाने के उपायों पर विचार कर राज्यपाल को रिपोर्ट देगी।
पीएचडी अवॉर्ड करने की तारीख में लाएं एकरूपता
राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी अवॉर्ड करने की तारीख में एकरूपता लाने की आवश्यकता जताई। अभी तक तारीख को लेकर अलग-अलग व्यवस्था है।
उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति की दो सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी अवॉर्ड करने की एक समान तारीख निर्धारित करने पर सुझाव देगी।
आगे आ रही छात्राओं की मेधा
कुलाधिपति ने कहा कि उच्च शिक्षा में छात्राओं ने बाजी मारी है। सत्र 2014-15 में मात्र 40 प्रतिशत डिग्रियां और उपाधियां प्राप्त करने वाली छात्राएं 2018-19 में 66 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सम्मेलन में कई कुलपतियों ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती को लेकर 100 प्वॉइंट रोस्टर की गाइड लाइन स्पष्ट नहीं है। प्रत्येक राज्य की अपनी अलग आरक्षण व्यवस्था है, ऐसे में आरक्षण लागू करने में असमंजस की स्थिति है।
कुलपतियों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि दस प्रतिशत गरीब सवर्णों को प्रवेश देने की गाइड लाइन स्पष्ट नहीं है। प्रवेश देने के लिए कितने पद बढ़ाने हैं, आरक्षण किस प्रकार देना है इसकी स्थिति भी सरकार से स्पष्ट कराएं।
इन विषयों पर हुई चर्चा
सम्मेलन में ई-लर्निंग, शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार शैक्षिक दिवस, प्रवेश, परीक्षा परिणाम, शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाएं, ई-लाईब्रेरी और अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन विषय पर विचार रखे गए।