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राज्यपाल की प्रेस-वार्ता: आनंदीबेन ने बताया सीएम से किन मुद्दों पर होती है बात, कानून- व्यवस्था पर ये कहा

Thu, 26 Dec 2024 09:51 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Anandiben Patel: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने  बृहस्पतिवार को राजभवन में राजधानी के प्रेस प्रतिनिधियों से बात की। इस मौके पर उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखी। 
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदेश के छात्रों के प्रदर्शन की स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने और छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने पर लगातार काम हो रहा है। वह बृहस्पतिवार को राजभवन में राजधानी के प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद कर रहीं थीं।

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राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि मेनोपॉज से संबंधित पाठ्यक्रम तैयार करें, ताकि बेटियों को इस विषय में शिक्षित और जागरूक किया जा सके। जब बेटियों जागरूक होंगी तभी वे अपने परिवार की महिलाओं को जागरूक कर पाएंगी। विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक शिक्षा और शोध को बढ़ावा देकर स्थिति में बदलाव लाया जा रहा है। प्रदेश के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

राज्यपाल ने हाल ही में नालंदा विश्वविद्यालय के भ्रमण की चर्चा करते हुए कहा कि वहां बरसात के पानी के संरक्षण और बिजली बचत की उत्कृष्ट व्यवस्था की गयी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा की कि इस मॉडल को प्रदेश के स्कूलों और अस्पतालों में भी लागू किया जा सकता है। राज्यपाल से उनके शिक्षिका से राजनीति तक के सफर के बारे में पूंछे जाने पर उन्होंने कहा कि शिक्षिका के रूप में समाज को शिक्षित करने का जो अनुभव मिला, उसने उन्हें राजनीति में भी सही दिशा में कार्य करने की प्रेरणा दी। यह जीवन का ऐसा अनुभव रहा, जिसने उन्हें हर भूमिका में अनुशासन और सेवा का महत्व सिखाया।
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों की प्रकृति अलग-अलग है। ऐसे में सभी विश्वविद्यालयों में एक समान पाठ्यक्रम कैसे लागू हो सकता है? इस पर राज्यपाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा में समानता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। पाठ्यक्रम का निर्धारण छात्रों की क्षेत्रीय आवश्यकताओं और भविष्य की मांगों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम सरकार द्वारा, जबकि 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अपनी जरूरतों के अनुसार बनाते हैं।

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सीएम से जनहित के मुद्दों पर होती है बात

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : अमर उजाला
जब मुख्यमंत्री राजभवन आते हैं, तो उनके साथ किस प्रकार की चर्चा होती है? इस पर राज्यपाल ने बताया कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों, खासकर पीड़ितों की वास्तविक समस्याओं पर मुख्यमंत्री से चर्चा करती हैं और समाधान सुनिश्चित करती हैं। राज्यपाल से प्रदेश में हो रहे बदलावों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा कि पर्यटन, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव आए हैं। ऑर्गेनिक खेती में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और उत्पादन व बिक्री में सुधार हुआ है।

पहले से बेहतर हुई कानून-व्यवस्था
इस मौके पर एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि पहले की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं शाम को घर से निकलने में डरती थीं, लेकिन अब वह निर्भय होकर घर से बाहर जाती है। छात्राओं में भी सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। राज्यपाल ने कहा कि स्थिति और बेहतर हो सकती है।
 
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