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अखिलेश-मुलायम की सैफई को एक और सौगात, बनेगी मेडिकल यूनीवर्सिटी

Tue, 03 May 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमरि उजाला, लखनऊ
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mulayam singh yadav - फोटो : amar ujala
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इटावा के सैफई स्थित रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) को चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री इसके पदेन चांसलर होंगे। राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा विधेयक 2015 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सैफई रिम्स प्रदेश का दूसरा चिकित्सा विश्वविद्यालय बन गया है।
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अखिलेश सरकार ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई स्थित रिम्स को विश्वविद्यालय बनाने के लिए पिछले साल विधानमंडल के दोनों सदनों से विधेयक पास कराया था। इसके बाद  विधेयक मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राज्यपाल ने इसे रोक रखा था।

सूत्रों के अनुसार राज्यपाल को इस विधेयक में मुख्य आपत्ति कुलाधिपति (चांसलर) के पद पर मुख्यमंत्री को नामित किए जाने पर थी, जबकि सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति राज्यपाल ही होते हैं।
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राजभवन को लग रहा था कि मुख्यमंत्री के कुलाधिपति नामित होने से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। इन सबके बावजूद राजभवन ने इस विधेयक को लौटाया भी नहीं था। परीक्षण के नाम पर यह विधेयक काफी समय से अटका हुआ था।

ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 30 अप्रैल को राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात के दौरान इस विधेयक को मंजूरी देने का आग्रह किया था। इसी के बाद सोमवार को राज्यपाल ने इसे अपनी मंजूरी दे दी।
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परीक्षाओं के संचालन से लेकर प्रदान करेगा डिग्री

- फोटो : amar ujala
विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के साथ ही सैफई रिम्स अब खुद एडमिशन से लेकर परीक्षाओं तक के संचालन के साथ अपनी डिग्री भी प्रदान कर सकेगा। अभी तक लखनऊ स्थित केजीएमयू ही सूबे का इकलौता चिकित्सा विश्वविद्यालय था। यह प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को संचालित करता है। सैफई रिम्स के विश्वविद्यालय बनने के बाद अब दोनों के बीच कॉलेजों का बंटवारा हो जाएगा। रिम्स मेडिकल व पैरामेडिकल कॉलेजों को संबद्धता भी दे सकेगा।
 
सैफई रिम्स में सुविधाएं
809 बेड का अस्पताल, 100 से 130 रोगी रोजाना होते हैं भर्ती
ओपीडी में 1500 से 2000 मरीज देखे जाते हैं प्रतिदिन
एमबीबीएस की 150 सीटें

एमएस व एमडी के 17 पाठ्यक्रम
मेडिकल कॉलेज में 27 विभाग संचालित
पैरामेडिकल में चार डिग्री कोर्स व 13 डिप्लोमा कोर्स

ये सुविधाएं और बढ़ेंगी
500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक
100 बेड का आधुनिक ट्रॉमा सेंटर
50 बेड का अत्याधुनिक बर्न सेंटर
कई और विषयों में एमडी व एमएस के पाठ्यक्रम होंगे शुरू।
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