इटावा के सैफई स्थित रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) को चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री इसके पदेन चांसलर होंगे। राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा विधेयक 2015 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सैफई रिम्स प्रदेश का दूसरा चिकित्सा विश्वविद्यालय बन गया है।
अखिलेश सरकार ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई स्थित रिम्स को विश्वविद्यालय बनाने के लिए पिछले साल विधानमंडल के दोनों सदनों से विधेयक पास कराया था। इसके बाद विधेयक मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राज्यपाल ने इसे रोक रखा था।
सूत्रों के अनुसार राज्यपाल को इस विधेयक में मुख्य आपत्ति कुलाधिपति (चांसलर) के पद पर मुख्यमंत्री को नामित किए जाने पर थी, जबकि सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति राज्यपाल ही होते हैं।
राजभवन को लग रहा था कि मुख्यमंत्री के कुलाधिपति नामित होने से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। इन सबके बावजूद राजभवन ने इस विधेयक को लौटाया भी नहीं था। परीक्षण के नाम पर यह विधेयक काफी समय से अटका हुआ था।
ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 30 अप्रैल को राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात के दौरान इस विधेयक को मंजूरी देने का आग्रह किया था। इसी के बाद सोमवार को राज्यपाल ने इसे अपनी मंजूरी दे दी।