राज्यपाल आनंदीबेन ने कहा कि हमारे किसानों के उत्पादों की मार्केटिंग कम है। डीएम व कृषि विभाग के अधिकारी उन्हें मार्केट उपलब्ध कराएं। जहां किसान सीधे अपनी फसल बेच सकें। ऐसा हुआ तो वर्ष 2022 से पहले ही किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र कहते हैं कि सरकारी नौकरी नहीं मिलती। उनमें कितने छात्र किसानी व पशुपालन करते हैं। इसका आकड़ा विश्वविद्यालयों के पास नहीं है। मगर, अब कृषि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के पिता व परिवार की भूमि की सूची तैयार की जाएगी। प्रगतिशील किसानों को बुलाकर आधुनिक खेती करने की प्रेरणा दी जाएगी। ताकि वे रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने की स्थित में खड़े दिखें।