प्रदेश सरकार विधानमंडल के मानसून सत्र में विधानमंडल के सदस्यों के निवेश व रोजगार से जुड़े सवालों का जवाब देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। औद्योगिक विकास विभाग ने उद्योग बंधु से एमओयू के क्रियान्वयन से संबंधित आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक 37,344 करोड़ निवेश की 80 परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। दरअसल, विधानमंडल के जून-2019 सत्र में सदस्यों ने इन्वेस्टर्स समिट-2018 में निवेशकों से किए गए एमओयू के नतीजों से जुड़े सवाल पूछे थे। सरकार ने जवाब भी दिया था और संबंधित ब्योरा सदन में रखने का आश्वासन भी दिया था।
इस बीच लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को कम करने के लिए सरकार ने निवेश को लेकर नए सिरे से प्रयास किए तो विपक्ष ने समिट में हुए एमओयू व उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। सरकार ने इसका जवाब भी दिया, लेकिन विधानमंडल सत्र में इस तरह के सवाल फिर उठने की आशंका है। इसके मद्देनजर सरकार पुख्ता और विस्तृत जवाब देने के लिए आंकड़े जुटा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट में जो 4.28 करोड़ के 1045 एमओयू किए थे, उनमें से दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के जरिए 80 परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और कॉमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। इनमें पहली जीबीसी के शिलान्यास से जुड़ी 36 व दूसरी जीबीसी के शिलान्यास से जुड़ी 44 परियोजनाएं शामिल हैं। अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन का काम चल रहा है।