बलिया जेल में एक बंदी की अन्य बंदियों द्वारा पिटाई किए जाने और उसका वीडियो बनाकर वायरल किए जाने के मामले में एक डिप्टी जेलर व तीन जेल वार्डरों को निलंबित कर दिया गया है। डीजी कारागार आनंद कुमार ने इसके साथ बलिया जेल के अधीक्षक व जेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि बलिया जेल के अंदर वीडियो बनाए जाने पर जेल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे।
कारागार महानिदेशक आनंद कुमार ने इस मामले की जांच डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज रामधनी को सौंपी थी और उनसे दो दिनों में रिपोर्ट तलब की थी। डीआईजी ने जो रिपोर्ट सौंपी उसके अनुसार बंदी अंकित गुप्ता, सोनू यादव तथा रोहित वर्मा ने मिलकर एक अन्य बंदी धर्मेंद्र यादव को मारा पीटा तथा प्रकरण का वीडियो बंदी रोहित वर्मा के मोबाइल से बनाया गया।
यह मोबाइल बंदी प्रेम यादव के पास से तलाशी में प्राप्त हुआ। जेलों में हिंसा तथा मोबाइल जैसे निषिद्ध उपकरणों का प्रयोग प्रतिबंधित है। जांच में डिप्टी जेलर बाबूराम यादव, हेड जेल वार्डर, हेड जेल वार्डर रघुवंश सिंह, जेल वार्डर चंद्रशेखर प्रेमी व अवधेश यादव को मुख्य रूप से दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य और जेलर डॉ विनय कुमार को शिथिल पर्यवेक्षण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।