राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लेखपालों के रिक्त पदों पर भर्ती का मामला विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव सुरेश चंद्र के सामने आया था। उन्होंने 7 फरवरी को शासन स्तर पर राजस्व विभाग के प्रमुख अधिकारियों की बैठक में इस प्रकरण पर भी चर्चा की थी।
उस समय लेखपालों के 4000 पद खाली थे। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्णय किया था कि लेखपालों की भर्ती के संबंध में अध्यक्ष राजस्व परिषद को पत्र भेजा जाए और भर्ती की कार्यवाही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से कराने की कार्यवाही की जाए।
मगर, तीन महीने बाद भी भर्ती से जुड़ी कार्यवाही अटकी हुई है। इस बीच बड़ी संख्या में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक के पदों पर पदोन्नत हो चुके हैं। रिक्त पदों की संख्या करीब 5500 पहुंच गई है।