सरकार ने प्रदेश में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री को सहूलियत देने के लिए इस पर लगने वाले दोहरी कर प्रणाली को खत्म करने का फैसला किया है। वाणिज्यकर विभाग द्वारा ऑयल कंपनियों को बेचे गए पेट्रोल पर वैट न लेने से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले को यूपी में बिक्री के लिए खरीदे जाने वाले पेट्रोल पर ही लागू माना जाएगा।
दरअसल, वर्तमान में वैट अधिनियम के तहत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री पर दोहरी कर व्यवस्था लागू है। रिफाइनरी से पेट्रोल वितरण की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को मिलती है, वह पेट्रोल खरीदने वाली कंपनियों को पेट्रोल देते समय 14.41 रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूलती है।
पेट्रोल खरीदने वाली कंपनी अगर इस पेट्रोल में एथनॉल मिलाती है तो उसे दोबारा इतना ही टैक्स देना पड़ता है। इससे यूपी में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल का कारोबार नहीं हो पा रहा था और किसानों का एथनॉल भी नहीं बिक पा रहा था।
अब सरकार ने एथनॉल मिलाने के लिए खरीदे जाने वाले पेट्रोल से वैट खत्म कर सिर्फ एथनॉल मिलाने पर टैक्स वसूलने का फैसला किया है। इस फैसले से जहां ऑयल कंपनियों को दोहरा टैक्स नहीं देना पड़ेगा, वहीं किसानों के एथनॉल की बिक्री भी बढ़ जाएगी।