कर्मचारी संगठनों के द्वारा पुरानी पेंशन की मांग और तेज हो रही हैं। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) का एक प्रतिनिधिमंडल राधा एस चौहान से पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर केंद्रीय सचिव, कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय से उनके दिल्ली स्थित कार्यालय में मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि एनपीएस में भारत सरकार जो वेतन का 14% धनराशि इन्वेस्ट करती है उसका 33 वर्ष की सेवा पर जमा धनराशि का जो ब्याज होता है, उसकी 50% धनराशि से पुरानी पेंशन दी जा सकती है। इसका विस्तृत तर्कसंगत ज्ञापन भी उन्हें दिया गया। साथ ही यह भी बताया की पुरानी पेंशन देने में केंद्र को कोई अतिरिक्त धनराशि देनी नहीं पड़ेगी। इस संबंध में विस्तृत विज्ञापन राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री को भी दिया जा चुका है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल इफ्सेफ के महासचिव प्रेमचंद्र ने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक इंक्रीमेंट देकर एक जुलाई को पेंशन निर्धारित करने के संबंध में जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण पर कैबिनेट सचिव को भी ज्ञापन दिया गया था, जिस पर उन्होंने निर्देश दिए थे। इस प्रकरण के लंबित होने से पेंशनर्स को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
सचिव ने बताया कि समिति पुरानी पेंशन बहाली प्रकरण पर विचार कर रही है। जल्द अपना प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्री को देगी। 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाला कर्मचारियों को एक इंक्रीमेंट जोड़कर पेंशन निर्धारित करने पर विचार चल रहा है। यह प्रकरण निस्तारण के लिए मंत्रालय को भेजा गया है। वहां से इस मामले में मार्गदर्शन लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में एफ्सेफ के उपाध्यक्ष राकेश भदौरिया एवं अजयवीर सिंह भी शामिल थे।