ट्रस्ट व सोसायटीज के नाम पर पहले 300 से ज्यादा संपत्तियां आवंटित थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अगस्त 2016 के आदेश के बाद अधिकतर को खाली करा लिया गया। अब भी पूर्व मुख्यमंत्रियों में वीर बहादुर सिंह व हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर बने ट्रस्टों को पॉश इलाके में बंगले आवंटित है।
वीर बहादुर सिंह जन संस्थान का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। राज नारायण ट्रस्ट के नाम पर माल एवेन्यू, लोहिया ट्रस्ट के नाम विक्रमादित्य मार्ग, जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के नाम पर बंदरिया बाग और महातम राय ट्रस्ट के नाम पर भी माल एवेन्यू में बंगला आवंटित है।
इसी तरह कई अन्य नेताओं ने भी ट्रस्ट बनाकर सरकारी बंगले कब्जे में कर रखे हैं। वहीं, मान्यवर कांशीराम स्मारक विश्राम स्थल ट्रस्ट के नाम 13 माल एवेन्यू में 4000 वर्गमीटर जमीन आवंटित है।
राज्य संपत्ति विभाग ने एक आरटीआई पर जानकारी दी थी कि विभिन्न सरकारी कालोनियों में 89 गैर सरकारी संस्थाओं, संघों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी व्यक्तियों को आवंटित 89 आवासों में 27 पर पूर्व आवंटी का अनाधिकृत कब्जा है।
इनमें मुख्य रूप से कर्मचारी संयुक्त परिषद, कायस्थ महासभा, पत्रकार यूनियन, युवा उद्योग व्यापार मंडल, जर्नलिस्ट एसोसिएशन, माध्यमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, माइनॉरिटी फोरम, गौड़ महासभा, संसदीय संस्थान, शोषित दल, कैफी आजमी एकेडमी शामिल हैं। राज्य संपत्ति विभाग ने कई संस्थाओं से कब्जे छुड़ा लिए हैं।