सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थाओं में संविदा या अंशकालिक शिक्षकों के पारिश्रमिक को बढ़ाने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
अब इन दोनों श्रेणी की संस्थाओं में स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं में अंशकालिक और संविदा प्रवक्ताओं को इसी महीने से बढ़ा हुआ पारिश्रमिक दिया जाएगा। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
प्रस्ताव के मुताबिक स्नातक कक्षाओं के प्रवक्ताओं को प्रति लेक्चर 300 के बजाय 400 रुपये दिया जाएगा। इसी तरह प्रयोगात्मक कक्षाओं के लिए निर्धारित 150 रुपये को बढ़ाकर 200 रुपये किया गया है।
यानी स्नातक कक्षाओं के अंशकालिक व संविदा प्रवक्ताओं को अब प्रतिमाह 15 हजार रुपये बतौर पारिश्रमिक दिया जाएगा। यह अब तक 12 हजार था।
इसी तरह स्नातकोत्तर कक्षाओं जैसे एमटेक व पीएचडी स्तर तक के प्रवक्ताओं को थ्योरी के लिए 350 प्रति लेक्चर के स्थान पर 450 रुपये दिया जाएगा। जबकि प्रयोगात्मक विषयों के लिए 175 रुपये प्रति क्लास को बढ़ाकर 225 रुपये कर दिया गया है।
स्नातकोत्तर छात्रों को पढ़ाने वाले प्रवक्ताओं के मासिक पारिश्रमिक में भी 5 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी करते हुए 20 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
सचिव प्राविधिक शिक्षा भुवनेश कुमार ने बताया कि इन शिक्षकों की पारिश्रमिक बढ़ाने की मांग काफी पुरानी थी। इसके मद्देनजर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे वित्त विभाग की मंजूरी मिल गई है।