डेंगू के मरीजों की कुल संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग में असमंजस की स्थिति है। स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़ों में निजी चिकित्सालयों और जांच केंद्रों के आंकड़े शामिल न होने की बात कही। वहीं निदेशक संचारी रोग डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने दावा किया कि 5724 मरीजों में निजी क्षेत्र के आंकड़े भी शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि 2016 से डेंगू बीमारी का नोटिफिकेशन हो गया है। इसलिए सभी निजी चिकित्सालयों को मरीजों की जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर नोटिस और कार्रवाई का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर प्रदेश में डेंगू की स्थिति बताने के लिए स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के साथ अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी, निदेशक सूचना शिशिर भी लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे।
हर बुखार डेंगू नहीं, वायरल में भी कम होती है प्लेटलेट्स
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि हर बुखार डेंगू नहीं होता है। रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होना भी डेंगू की पुष्टि नहीं करता है। अन्य वायरल फीवर में भी प्लेटलेट्स में कमी आती है। इसलिए मरीज को घबराना नहीं चाहिए और नजरीदी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और इलाज करानी चाहिए।
उन्होंने बुखार के दौरान तरल पदार्थों का सेवन करने और मच्छरदानी में सोने की अपील भी की। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस समय तापमान 26 डिग्री के आसपास है। तापमान 23 डिग्री से कम होने और सर्दी बढ़ते ही डेंगू का प्रकोप भी कम हो जाएगा। लेकिन इस दौरान सावधानी बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।