एसिड अटैक की शिकार महिलाओं को आर्थिक मदद देने के बाद सरकार अब तेजाब से जले पुरुषों के जख्मों पर भी मरहम लगाने की तैयारी में है। हालांकि मदद किस विभाग से दी जाए, इसको लेकर असमंजस है।
फिलहाल सरकार इस योजना के लिए विभाग की खोज कर रही है। अभी सूबे में एसिड अटैक के शिकार पुरुषों की मदद के लिए कोई योजना नहीं है। पिछले दिनों गृह विभाग ने तेजाब हमलों के शिकार पुरुषों व बालकों को भी महिला सम्मान कोष से ही मदद दिलवाने की पैरवी की।
इसके लिए बाकायदा एक कैबिनेट प्रस्ताव भी तैयार कर महिला कल्याण विभाग को भेजा गया, लेकिन उसने पुरुषों व बालकों को अपने यहां से मदद देने से इन्कार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार महिला कल्याण विभाग ने कहा कि वह सिर्फ महिलाओं के लिए ही काम करता है।
रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की अवधारणा भी यही है कि इससे सिर्फ जरूरतमंद महिलाओं की ही मदद की जा सकती है। ऐसे में पुरुषों व बालकों को इसमें शामिल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए विभाग को लंबे-चौड़े संशोधन करने होंगे।